द्विभाषी बच्चे क्यूँ?
इसके बहुत कारण हैं, लेकिन दो सबसे आम कारण हैं:
माँ-बाप अलग अलग भाषा बोलते हैं (जैसे कि माता या औरत अमरीका से और पिता या आदमी तुर्क से)|
माँ-बाप एक ही भाषा बोलते हैं, लेकिन समाज में अलग भाषा बोली जाती है (जैसे की कोरीया से कोई परिवार जो कि यूके में रहता है)|
पहले केस में दोनो माँ और बाप अपनी भाषा बच्चों के साथ बोलना चाहते हैं| यह एक द्विभाषी घर है| दूसरे केस में, माँ-बाप घर में अपनी भाषा में बोलना चाहते हैं, लेकिन बच्चों को घर के बाहर दुनिया में रहना है| यह एक द्विभाषीय घर है| हमारे अँग्रेज़ी/इतालवी घर में भी द्विभाषीय बच्चे पल रहे हैं|
क्या बच्चे दो भाषाओं को सुनके उलझते नही हैं?
इसका एक छोटा उत्तर है "नही"| बच्चे लोगों के बोलने का ढंग आसानी से पहचानते हैं| जब वे केवल एक ही भाषा सुनते हैं तब भी उन्हें अलग अलग आदमियों और औरतों की बोली में अंतर का पता होता है| वे शिष्ट और आशिष्ट बोलचाल में भी अंतर कर सकते हैं| उनके लिए द्विभाषी होना कोई बड़ी बात नही, बल्कि लोगों के बीच अंतर का सिर्फ़ एक और उदाहरण या कारण है| ५० साल पहले अमरीका में कहा जाता था कि बच्चों को केवल एक ही भाषा बोलनी चाहिए| कहते थे कि बचपन में दो भाषाओं से नुकसान होता है| लेकिन आजकल कहते हैं कि दो भाषा बोलने से फ़ायदा है, जैसे कि सोचने में नम्यता|
क्या द्विभाषीय बच्चे दोनो भाषाओं को मिलाते हैं?
बड़े द्विभाषियों की तरह, बच्चे भी एक भाषा बोलते वक़्त दूसरी भाषा के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं| (इसे कोड-स्विचिंग कहते हैं)| लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि वे दोनो भाषाओं को मिला रहे हैं| हमारे इतालवी-अँग्रेज़ी घर में, बहुत से खाने के शब्द इतालवी हैं और हम अँग्रेज़ी बोलते समय भी इन शब्दों का प्रयोग करते हैं| जैसे हम "पोलो" बोलते हैं "चिकन" की जगह| या "सुगो" "सॉस" की जगह| लेकिन जब यह बच्चे एक ही भाषा बोलने वाले के साथ बोल रहे होते हैं तब वे एक ही भाषा के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं|
हम अपने बच्चों को दो भाषाएँ कैसे सिखायें?
सबसे पहले यह जानना चाहिए कि माँ-बाप बच्चों को बोलना नही सिखाते हैं, ना ही वो उन्हे मुस्कुराना| भाषा विकास के लिए सबसे आवश्यक चीज़ है - विवरण और ज़रूरत| अगर बच्चे एक ही जगह दो भाषाओं को सुनते हैं तो उनको दोनो भाषा जानने की ज़रूरत होगी, और वो दोनो सीखेंगे|
क्या आप यह कहना चाहते हैं कि अगर बच्चे पैदा होते ही दो भाषाएँ सुनें, तो वे आराम से दोनो सीख सकते हैं?
कहा जाता है कि "माँ-बाप में से एक-एक भाषा बोलें"| उदाहरण के लिए माँ अपनी भाषा बोले और बाप अपनी| यह आम तौर पर एक सफल तरीका है, लेकिन इससे भी कमियाँ हो सकती हैं|
माँ एक और बाप एक भाषा बोलें - समस्याएँ?
एक समस्या है बराबर होना| बच्चों के लिए ज़रूरी है कि वे एक भाषा को अनेक परिस्थितियों में सुनें| अगर वे कम महत्वपूर्ण भाषा को एक ही जने से सुनें, उन्हे उस भाषा का पूरा विवरण नहीं होगा| यह सही है कि माँ-बाप "महत्वपूर्ण भाषा" समझते हैं और बच्चे "कम महत्वपूर्ण भाषा" को ज़रूरी नहीं मानते|
इसलिए इस कम महत्वपूर्ण भाषा की ज़रूरत के लिए कुछ करना पड़ता है| एक ही भाषा बोलने वाले नाना नानी या दादा दादी काम आ सकते हैं| बच्चों को देखने के लिए नानी/दादी, भाई/बहन या बेबी सिटर जो इस भाषा को बोलते हैं| डे केयर केंद्र जहाँ बच्चे इस भाषा को सुन सकते हैं| टेप या वीडियो| इन सब से फ़र्क़ पद सकता है| जब हमारे बच्चे छोटे थे, हम इतालवी बोलने की कोशिश करते थे, एक अँग्रेज़ी परिस्थति में|
एक समस्या यह भी है कि बच्चों को ज़बरदस्ती ना हो| अगर उन्हे लगे कि यह कतराने वाली बात है, तो वे इसे रोकेंगे| कहते हैं कि एक भाषा को एक दिन बोलना और दूसरी भाषा दूसरे दिन बोलना - इससे प्रतिकूल भावना पैदा होती है|
यह समस्या "छूट" है| अगर माँ या बाप में से एक दूसरे की भाषा नही जनता है तो बच्चे यह जानते हैं कि जब वे एक भाषा बोल रहे हैं तो दूसरे को समझ नहीं आ रही है| इसलिए बच्चे बोलते हैं जब उन्हे मालूम होता है कि दोनो (माँ-बाप) को समझ आ रही है|
जब बहन या भाई पैदा होता है?
दूसरे बच्चे के आने से द्विभाषिता का असर कम हो जाता है| और यह आम है कि दूसरा बच्चा, पहले से कम द्विभाषीय होता है| बड़ा बच्चा छोटे बच्चे के साथ अधिक महत्वपूर्ण भाषा में बोलता है| इस कारण दूसरा बच्चा कम महत्वपूर्ण भाषा बोलने की कोशिश नहीं करता है| इस स्थिति में आपको अपने लिए कार्यनीति सोचनी होगी| बड़े बच्चे से कम महत्वपूर्ण भाषा को बढ़ाना होगा|
मेरे बच्चे घर की भाषा बोलते थे, लेकिन स्कूल जाने के बाद वे उसे अँग्रेज़ी के साथ मिलाते हैं| मैं क्या कर सकती हूँ?
चिंता ना करिये| भाषा मीलाना आम बात है| इसका यह मतलब नही है कि वे एक भाषा को भूल जायेंगे| और इसका यह मतलब भी नही है कि वे दोनों भाषाओं में अंतर नही जानते हैं| इसके लिए उन्हें डांटना सही नही है| बजाए, ऐसी स्थिति पैदा करें जिस से बच्चों को इस दूसरी भाषा की ज़रूरत महसूस हो| जैसे कि एक भाषा बोलने वाले नाना/नानी या दादा/दादी से बात करना|
बच्चों के भाषा विकास के लिए सरल विवरण ज़रूरी है| जब बच्चे छोटे होते हैं तब वे घर की भाषा के साथ पलते हैं| लेकिन जब वे स्कूल जाते हैं उन्हे अँग्रेज़ी ही सुनने को मिलती है| नये शब्द और नये तरीके| बच्चों को नही पता कि घर की भाषा या उनकी मातृभाषा में, "नोट बुक", "प्रिन्सिपल", "सोशियल स्टडीस", जैसे अँग्रेज़ी शब्दों को क्या कहते हैं? आप उन्हे इसका मतलब घर की भाषा में बतायें| याद रखिए कि भले ही अँग्रेज़ी उनकी पहली भाषा बन जाए, लेकिन घर की भाषा वे हमेशा बोल सकेंगे|
कभी कभी द्विभाषिता से भाषा विकास धीमा होता है| घर में बड़े बच्चे को तोड़ा अधिक समय लगता है| लेकिन जब तक वे तीन या चार साल के हो जाते हैं, यह ठीक हो जाता है|
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माँ एक और बाप एक भाषा बोलें - समस्याएँ?
एक समस्या है बराबर होना| बच्चों के लिए ज़रूरी है कि वे एक भाषा को अनेक परिस्थितियों में सुनें| अगर वे कम महत्वपूर्ण भाषा को एक ही जने से सुनें, उन्हे उस भाषा का पूरा विवरण नहीं होगा| यह सही है कि माँ-बाप "महत्वपूर्ण भाषा" समझते हैं और बच्चे "कम महत्वपूर्ण भाषा" को ज़रूरी नहीं मानते|
इसलिए इस कम महत्वपूर्ण भाषा की ज़रूरत के लिए कुछ करना पड़ता है| एक ही भाषा बोलने वाले नाना नानी या दादा दादी काम आ सकते हैं| बच्चों को देखने के लिए नानी/दादी, भाई/बहन या बेबी सिटर जो इस भाषा को बोलते हैं| डे केयर केंद्र जहाँ बच्चे इस भाषा को सुन सकते हैं| टेप या वीडियो| इन सब से फ़र्क़ पद सकता है| जब हमारे बच्चे छोटे थे, हम इतालवी बोलने की कोशिश करते थे, एक अँग्रेज़ी परिस्थति में|
एक समस्या यह भी है कि बच्चों को ज़बरदस्ती ना हो| अगर उन्हे लगे कि यह कतराने वाली बात है, तो वे इसे रोकेंगे| कहते हैं कि एक भाषा को एक दिन बोलना और दूसरी भाषा दूसरे दिन बोलना - इससे प्रतिकूल भावना पैदा होती है|
यह समस्या "छूट" है| अगर माँ या बाप में से एक दूसरे की भाषा नही जनता है तो बच्चे यह जानते हैं कि जब वे एक भाषा बोल रहे हैं तो दूसरे को समझ नहीं आ रही है| इसलिए बच्चे बोलते हैं जब उन्हे मालूम होता है कि दोनो (माँ-बाप) को समझ आ रही है|
जब बहन या भाई पैदा होता है?
दूसरे बच्चे के आने से द्विभाषिता का असर कम हो जाता है| और यह आम है कि दूसरा बच्चा, पहले से कम द्विभाषीय होता है| बड़ा बच्चा छोटे बच्चे के साथ अधिक महत्वपूर्ण भाषा में बोलता है| इस कारण दूसरा बच्चा कम महत्वपूर्ण भाषा बोलने की कोशिश नहीं करता है| इस स्थिति में आपको अपने लिए कार्यनीति सोचनी होगी| बड़े बच्चे से कम महत्वपूर्ण भाषा को बढ़ाना होगा|
मेरे बच्चे घर की भाषा बोलते थे, लेकिन स्कूल जाने के बाद वे उसे अँग्रेज़ी के साथ मिलाते हैं| मैं क्या कर सकती हूँ?
चिंता ना करिये| भाषा मीलाना आम बात है| इसका यह मतलब नही है कि वे एक भाषा को भूल जायेंगे| और इसका यह मतलब भी नही है कि वे दोनों भाषाओं में अंतर नही जानते हैं| इसके लिए उन्हें डांटना सही नही है| बजाए, ऐसी स्थिति पैदा करें जिस से बच्चों को इस दूसरी भाषा की ज़रूरत महसूस हो| जैसे कि एक भाषा बोलने वाले नाना/नानी या दादा/दादी से बात करना|
बच्चों के भाषा विकास के लिए सरल विवरण ज़रूरी है| जब बच्चे छोटे होते हैं तब वे घर की भाषा के साथ पलते हैं| लेकिन जब वे स्कूल जाते हैं उन्हे अँग्रेज़ी ही सुनने को मिलती है| नये शब्द और नये तरीके| बच्चों को नही पता कि घर की भाषा या उनकी मातृभाषा में, "नोट बुक", "प्रिन्सिपल", "सोशियल स्टडीस", जैसे अँग्रेज़ी शब्दों को क्या कहते हैं? आप उन्हे इसका मतलब घर की भाषा में बतायें| याद रखिए कि भले ही अँग्रेज़ी उनकी पहली भाषा बन जाए, लेकिन घर की भाषा वे हमेशा बोल सकेंगे|
कभी कभी द्विभाषिता से भाषा विकास धीमा होता है| घर में बड़े बच्चे को तोड़ा अधिक समय लगता है| लेकिन जब तक वे तीन या चार साल के हो जाते हैं, यह ठीक हो जाता है|
Baker, Colin. 1995. A Parents’ and Teachers’ Guide to Bilingualism. Multilingual Matters.
Grosjean, François. 1982. Life with Two Languages. Harvard University Press.
Harding-Esch, Edith, and Philip Riley. 2003. The Bilingual Family: A Handbook for Parents. 2nd edn. Cambridge University Press.



